12 साल से फरार हत्या के मामले के दो आरोपी सगे भाई गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच सेंट्रल व थाना तिगांव की टीमों को मिली सफलता
- वर्ष 2014 में गांव सिढौला में हुई थी सुमित की हत्या, वारदात के बाद से ही फरार चल रहे थे दोनों आरोपी
- अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदलकर रह रहे थे दोनों भाई, न्यायालय ने घोषित कर रखा था पीओ
- क्राइम ब्रांच सेंट्रल ने फरीदाबाद से संदीप और थाना तिगांव की टीम ने पलवल से विजय कुमार को किया गिरफ्तार
फरीदाबाद, 30 अक्टूबर : फरीदाबाद पुलिस द्वारा फरार आरोपियों एवं उद्घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में क्राइम ब्रांच सेंट्रल और थाना तिगांव की टीमों ने वर्ष 2014 में गांव सिढौला में हुई हत्या के मामले में करीब 12 साल से फरार चल रहे दो सगे भाइयों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप निवासी गांव सिढौला, वर्तमान निवासी खोरी, तावडू, मेवात तथा विजय कुमार निवासी गांव सिढौला, वर्तमान निवासी हरफली, पलवल के रूप में हुई है। इस मामले में इनके दो अन्य भाइयों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 2014 में थाना तिगांव क्षेत्र के गांव सिढौला में लड़ाई-झगड़े के दौरान सुमित नामक युवक की हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में थाना तिगांव में मामला दर्ज किया गया था। वारदात के बाद से ही संदीप और विजय कुमार गिरफ्तारी से बचते हुए फरार चल रहे थे, जबकि मामले में शामिल इनके दो अन्य भाइयों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचने के चलते दोनों को माननीय न्यायालय द्वारा उद्घोषित अपराधी (पीओ) घोषित किया गया था।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए फरीदाबाद पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही थीं। पुलिस टीमें मेवात, पलवल, भिवाड़ी और गुरुग्राम सहित विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही थीं। इसी दौरान 29 अक्टूबर को पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। क्राइम ब्रांच सेंट्रल की टीम ने संदीप को अदालत परिसर सेक्टर 12 से गिरफ्तार किया, जबकि थाना तिगांव की टीम ने विजय कुमार को पलवल के हरफली गांव से काबू किया।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि हत्या के मामले के बाद दोनों आरोपी फरीदाबाद से फरार हो गए थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदलकर रह रहे थे। संदीप पिछले कुछ समय से खोरी गांव में रहकर बेलदारी करने के साथ ऑटो चलाने का काम कर रहा था, जबकि विजय कुमार राजमिस्त्री का काम कर रहा था।
