मीडिया विभाग के दृश्य क्लब द्वारा ‘प्रकाशोत्सव 2.0’ का सांस्कृतिक संध्या के साथ भव्य समापन

विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफी एवं सर्टिफिकेट देकर किया सम्मानित

  • नृत्यांगना नयानिका घोष ने युवाओं को अपनी संस्कृति से जुड़ने और उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी
  • तकनीकी दक्षता के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों और सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहें विद्यार्थी: कुलगुरु प्रो.संजय कौशिक
  • ‘प्रकाशोत्सव 2.0’ ने कला, तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को किया जीवंत: प्रो.पवन सिंह

फरीदाबाद 30 OCT : जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग में के दृश्य क्लब द्वारा दीपावली के अवसर पर सप्ताह भर चलने वाले उत्सव ‘प्रकाशोत्सव 2.0’ का सांस्कृतिक संध्या के साथ भव्य समापन हुआ। इस उत्सव में विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं, कार्यशाला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कुलगुरु के विशेष आग्रह पर ख्याति प्राप्त कथक नृत्यांगना नयानिका घोष की मनमोहक प्रस्तुति ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। विभिन्न स्पर्धाओं के विजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफी एवं सर्टिफिकेट देकर पुरस्कृत किया गया।

विवेकानंद सभागार में ‘प्रकाशोत्सव 2.0’ के समापन समारोह का दीप प्रज्ज्वलन के साथ विधिवत शुभारंभ हुआ। सभागार परिसर में विद्यार्थियों की विजेता कला कृतियों से सुसज्जित प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। मुख्य अतिथि के रूप में ख्याति प्राप्त कथक नृत्यांगना नयानिका घोष और विशिष्ठ अतिथि के रूप में कुलगुरु प्रो.संजय कौशिक, प्रो.राजेश कुमार आहूजा और विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि के रूप में ख्याति प्राप्त कथक नृत्यांगना नयानिका घोष ने अपने संबोधन में कहा कि यह मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है कि मुझे इतने प्रतिभाशाली और रचनात्मक विद्यार्थियों के बीच आने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने अपनी कला और प्रस्तुतियों से अपनी सृजनात्मक क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपनी कथक प्रस्तुति ‘मोहे रंग दो लाल’, जिसे अपने गुरु के मार्गदर्शन में तैयार किया है, भारतीय शास्त्रीय नृत्य की सुंदरता और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित है। मुझे आशा है कि यह प्रस्तुति युवाओं को अपनी संस्कृति से जुड़ने और उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।

कुलगुरु प्रो.संजय कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि ‘प्रकाशोत्सव 2.0’ हमारे विद्यार्थियों की अद्भुत प्रतिभा और सृजनात्मकता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। मीडिया विभाग के ‘दृश्य’ क्लब द्वारा आयोजित इस सप्ताह भर के उत्सव में कला, तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा समन्वय अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने सभी विजेताओं और आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने ‘चलो जलाएं दीप वहां जहां अभी भी अंधेरा है…’ पंक्तियों से विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ‘प्रकाशोत्सव 2.0’ की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब हम सभी को खुशहाल बनाने में अपने सामर्थ्य के अनुसार मदद करेंगें। उन्होंने कहा कि अपने ज्ञान और जागरूकता से समाज में प्रकाश फैलाने में सहयोग करने का संकल्प आज हम सभी यहां से लेकर जाएं। ‘प्रकाशोत्सव 2.0’ का मुख्य उद्देश्य विजुअल कम्युनिकेशन के विद्यार्थियों के लिए कला, तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को एक मंच पर लाकर उनकी रचनात्मकता और सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था। दृश्य क्लब (क्रिएटिव कैनवास) द्वारा मीडिया विभाग के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने कक्षा के बाहर भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, सहयोग और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कोऑर्डिनेटर सहायक प्रोफेसर डॉ.सोनिया हुड्डा ने बताया कि ‘प्रकाशोत्सव-2.0’ का श्रीगणेश मीडिया विभाग के गलियारों को रंग-बिरंगी सजावटी वस्तुओं और आकर्षक रोशनी से सजाने के साथ हुआ। सप्ताह भर चले इस कार्यक्रम में विभिन्न स्पर्धाओं में प्रतिदिन 30 से अधिक और 210 प्रतिभागी शामिल हुए। रील मेकिंग, डिजिटल पोस्टर, ईको फ्रेंडली दीवाली क्राफ्ट प्रतियोगिता, पेंटिंग एंड आर्ट वर्क, रंगोली जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा, कल्पनाशीलता और अभिव्यक्ति का प्रदर्शन कर भारतीय कला और परंपरा के रंगों से उत्सव की सुंदरता को और बढ़ा दिया। समापन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ श्री गणेश वंदना से हुई। उसके उपरांत महिला अस्मिता की गौरव गाथा को जीवंत करने वाले नाटक ‘जोहर’ ने वीर रस का अनुभव कराया। पंजाबी गिद्दा और हरियाणवी नृत्य पर दर्शक झूम उठे। इसके अतिरिक्त में मंच पर गीत-संगीत, कविता, एकल नृत्य, सामूहिक नृत्य, ड्रामा स्किट और इंस्ट्रूमेंट के साथ विद्यार्थियों द्वारा जबरदस्त प्रस्तुति दी गई।