पिता का खाता ठगों को कराया उपलब्ध, आरोपित गिरफ्तार, साइबर थाना NIT की कार्रवाई
मातृ वंदना योजना के तहत 6,000 रुपये दिलाने का झांसा देकर महिला से की गई थी 1,48,754 रुपये की साइबर ठगी
फरीदाबाद : साइबर अपराधी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला फरीदाबाद में सामने आया है, जहां मातृ वंदना योजना के तहत 6,000 रुपये की सहायता राशि दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक महिला के बैंक खाते से 1,48,754 रुपये निकाल लिये। साइबर थाना NIT की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी अक्षय उर्फ रोहित निवासी मुम्बी, जिला झुंझुनू, राजस्थान को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस प्रवक्ता अनुसार शिव कॉलोनी, गांव जाजरू निवासी एक महिला ने शिकायत दी कि उनकी देवरानी को बेटी हुई थी। उत्तर प्रदेश सरकार की मातृ वंदना योजना के तहत मिलने वाली 6,000 रुपये की सहायता राशि के संबंध में 9 अक्टूबर 2026 को उनके देवर प्रवेश का फोन आया। प्रवेश ने बताया कि योजना की राशि उनके खाते में नहीं आ रही है और इस संबंध में उसने महिला का मोबाइल नंबर संबंधित व्यक्ति को दे दिया है। इसके बाद महिला के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने मातृ वंदना योजना के तहत 6,000 रुपये भेजने का झांसा देकर महिला को अपने मोबाइल पर उसके बताए अनुसार प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा। इसी दौरान आरोपी ने महिला को एक UPI ID भेजी, जिसे महिला ने अपने PhonePe ऐप में दर्ज कर दिया। इसके बाद महिला के बैंक खाते से दो ट्रांजेक्शन के माध्यम से पहली बार 96,754 रुपये और दूसरी बार 52,000 रुपये निकाल लिए गए। इस प्रकार महिला के खाते से कुल 1,48,754 रुपये की साइबर ठगी की गई। शिकायत के आधार पर साइबर थाना NIT में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी की पूछताछ में सामने आया कि उसने अपने पिता का बैंक खाता ठगों को उपलब्ध करवाया था। उसने अपने पिता के इस खाते में अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत करवा रखा था। ठगी की रकम में से 96,754 रुपये आरोपी द्वारा उपलब्ध करवाए गए उक्त बैंक खाते में आए थे। पुलिस ने उसको अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
