कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर फरीदाबाद पुलिस गंभीर, सेक्टर-31 थाने में पुलिसकर्मियों को दिया गया POSH अधिनियम का प्रशिक्षण

डीसीपी मुख्यालय के निर्देश पर आयोजित हुआ विशेष प्रशिक्षण सत्र, महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों ने लिया भाग

  • अधिवक्ता काम्या ने POSH अधिनियम-2013 के प्रावधानों, शिकायत प्रक्रिया और आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका की दी जानकारी
  • पुलिसकर्मियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए किया जागरूक

फरीदाबाद, 7 नवंबर : कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फरीदाबाद पुलिस द्वारा पुलिसकर्मियों को कानूनी रूप से जागरूक एवं प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी कड़ी में डीसीपी मुख्यालय के निर्देश पर शुक्रवार को थाना सेक्टर-31 में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 (POSH Act) को लेकर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण सत्र में अधिवक्ता काम्या ने थाना सेक्टर-31 में तैनात महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों को POSH अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक कार्यस्थल पर आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। शिकायत प्राप्त होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत समिति को 90 दिनों के भीतर जांच पूरी करनी होती है।

अधिवक्ता काम्या ने कहा कि POSH कानून का उद्देश्य केवल दोषियों को दंडित करना नहीं, बल्कि कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है। पुलिसकर्मियों के लिए इस कानून की जानकारी होना विशेष रूप से आवश्यक है, ताकि महिलाओं से संबंधित शिकायतों पर संवेदनशीलता और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई की जा सके।

प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों ने POSH अधिनियम से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक सवाल भी पूछे, जिनका अधिवक्ता काम्या ने विस्तार से जवाब देकर समाधान किया।

इस अवसर पर थाना प्रभारी निरीक्षक सतबीर ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिसकर्मियों की कानूनी समझ बढ़ाने के साथ-साथ कार्यस्थल पर सकारात्मक एवं सुरक्षित माहौल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान फरीदाबाद पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को समय-समय पर कानूनों के प्रति जागरूक करने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।