हरियाणा में धान खरीद प्रक्रिया तेज, अब तक 24.93 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद : मंत्री राजेश नागर
धान खरीद के लक्ष्य का 43 प्रतिशत हासिल, खरीदे गए धान का 70 प्रतिशत उठान पूरा - राजेश नागर
- 1.84 लाख से अधिक किसानों को मिला लाभ, किसानों को 3,447 करोड़ रुपये की एमएसपी का भुगतान – नागर
- प्रदेश की मंडियों में खरीद और उठान प्रक्रिया पर सरकार की पैनी नजर, किसानों की सुविधा सर्वाेच्च प्राथमिकता- राजेश नागर
फरीदाबाद, 22 अक्टूबर : हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से खरीद सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश की मंडियों में धान की आवक, खरीद, उठान और किसानों को भुगतान की प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मंत्री ने बताया कि 21 अक्टूबर, 2026 तक प्रदेश की मंडियों में कुल 30.26 लाख मीट्रिक टन धान की आवक दर्ज की गई है, जो भारत सरकार द्वारा निर्धारित 58 लाख मीट्रिक टन के कुल खरीद लक्ष्य का लगभग 52 प्रतिशत है। इस अवधि तक सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा कुल 24.93 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। यह कुल आवक का लगभग 82 प्रतिशत है।
उन्होंने बताया कि खरीदे गए धान में से 17.54 लाख मीट्रिक टन का उठान भी किया जा चुका है, जो कुल खरीद का लगभग 70 प्रतिशत है। इससे मंडियों में खरीदे गए धान के व्यवस्थित उठान और खरीद प्रक्रिया को निरंतर आगे बढ़ाने के प्रयासों का पता चलता है।
1.84 लाख से अधिक किसानों को मिला लाभ- नागर
श्री नागर ने बताया कि प्रदेश में अब तक 1,84,794 किसानों को धान खरीद प्रक्रिया का लाभ मिला है। किसानों को उनकी उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में अब तक 3,447 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले और भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। मंडियों में आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ खरीद और उठान की प्रक्रिया को गति देने के लिए संबंधित अधिकारियों और खरीद एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
खरीद एजेंसियों की भूमिका की नियमित समीक्षा- नागर
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने एजेंसियों के आंकड़ों का विवरण देते हुए बताया कि खाद्य विभाग द्वारा अब तक 13.60 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है, जबकि हैफेड द्वारा 7.63 लाख मीट्रिक टन और हरियाणा राज्य भंडारण निगम (एचएसडब्ल्यूसी) द्वारा 3.70 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। इस प्रकार तीनों एजेंसियों ने मिलकर कुल 24.93 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है।
उन्होंने बताया कि खरीद एजेंसियों द्वारा उठान की प्रक्रिया भी लगातार जारी है। खाद्य विभाग ने 9.83 लाख मीट्रिक टन, हैफेड ने 5.41 लाख मीट्रिक टन और एचएसडब्ल्यूसी ने 2.30 लाख मीट्रिक टन धान का उठान किया है। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियों के कार्यों की समीक्षा की जा रही है, ताकि खरीद के साथ-साथ उठान की गति भी बनी रहे और मंडियों में व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो।
“निजी व्यापारियों द्वारा भी धान की खरीद”
श्री नागर ने बताया कि 21 अक्टूबर तक निजी व्यापारियों द्वारा भी लगभग 24,054 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, निजी व्यापारियों द्वारा खरीदे गए धान का औसत भाव 2,467 रुपये प्रति क्विंटल रहा है, जबकि विभिन्न लेन-देन में भाव 2,461 रुपये से 2,800 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया है।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं पर नजर रख रही है। मंडियों में किसानों की सुविधा, फसल की समय पर खरीद, खरीदे गए धान का उठान और भुगतान की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे अपनी फसल निर्धारित मानकों के अनुरूप मंडियों में लाएं और खरीद प्रक्रिया से संबंधित किसी भी समस्या के सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें, ताकि उसका समय रहते समाधान किया जा सके।
श्री नागर ने दोहराया कि हरियाणा सरकार किसानों के हितों की रक्षा और कृषि उपज की सुचारू खरीद के लिए पूरी तरह गंभीर है। सरकार का लक्ष्य है कि खरीद सीजन के दौरान किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलें, मंडियों में व्यवस्थाएं बनी रहें और उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित हो।
