गलत इंजेक्शन लगने से 47 वर्षीय व्यक्ति की मौत, सिविल अस्पताल के वार्ड में बदली मरीजों की फाइलें

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 सरकारी अस्पताल में एक मरीज की मौत होने से भड़के परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि गलत इंजेक्शन लगाने के चलते उनके मरीज की मौत हो गई है। इसके बाद परिजनों ने लापरवाह डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कैथल-कुरुक्षेत्र रोड पर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा कर जाम खुलवाया। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इस मामले में गहनता से जांच की जाएगी और इसके बाद उचित कार्रवाई होगी।

30 वर्षीय धर्मपाल का इंजेक्शन मृतक को लगाने का आरोप

गांव झिरवड़ी के रहने वाले रमेश कुमार ने बताया कि उसके बड़े भाई धर्मपाल को कुछ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत भी। धर्मपाल डॉक्टर को दिखाने के लिए अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने उन्हें दाखिल होने की सलाह दी। इसके बाद उनके कई टेस्ट भी करवाए गए, लेकिन मृतक धर्मपाल की सभी रिपोर्ट सही थी। इसके बाद शाम को उनके पेट में दर्द होने पर डॉक्टर ने उन्हे एमरजेंसी वॉर्ड में दाखिल कर लिया। 47 वर्षीय धर्पपाल के अलावा वार्ड में इसी नाम का दूसरा मरीज भी दाखिल था, जिसकी उम्र 30 वर्ष है। डॉक्टर ने दूसरे मरीज की फाइल के आधार पर उनके भाई धर्मपाल को इंजेक्शन लगा दिया और उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसी डॉक्टर ने गंभीर हालत के चलते धर्मपाल को रेफर कर दिया। फाइल देखने पर उन्हें पता चला कि यह किसी दूसरे मरीज की फाइल है। उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत गलत इलाज मिलने के चलते हुई है। इसलिए उन्होंने लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

 

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बोर्ड का गठन कर जांच की बात कह रहा अस्पताल प्रबंधन

 

वहीं अस्पताल के आरएमओ एस.एस अरोड़ा ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक बोर्ड का गठन किया जाएगा। यदि कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी मुख्यालय सुभाष चंद्र ने कहा कि परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लिखित शिकायत मिलने पर मृतक के शव का पोस्टमार्टम होगा व जांच के लिए बोर्ड गठित होगा। रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

 

NEWS SOURCE : punjabkesari

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