घर का बना स्वास्थ्य वर्धक रहेगा-अनिल आर्य
दिल्ली, मामेंद्र कुमार : केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में “त्योहारों में खान पान” पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया । जिससे आने वाले त्योहारों में स्वस्थ रह कर पर्व का आनन्द ले सकें । प्रो.करुणा चांदना ने कहा कि त्योहारों का हमारे जीवन में विशेष महत्व है!बिना त्यौहार के हमारा जीवन नीरस बन जाता है। त्योहार हमारे जीवन में उत्साह प्रसन्नता लाते हैं। हमारा जीवन उमंग से भर जाता है ।भारत को पर्व और त्योहारों का देश कहा जाता है क्योंकि यह अनेकता में एकता का देश है। इसकी झलक हमें त्योहारों के अवसर पर मिलती है। बात त्योहारों की हो तो मन में बरबस ही भव्य आयोजन की छवि बन जाती है। परंतु करोना काल में त्योहार मनाना एक चुनौती के समान है। जैसा कि भारतीयों के अनुसार त्यौहार का मतलब यानी मौज-मस्ती और ढेर सारे पकवान, मिठाई ,तला चटपटा भोजन। लेकिन जब आप जुबान के चटकारे भरने लगते हैं तो सेहत का मिजाज बिगड़ने लगता है नतीजा त्योहार की खुमारी तो उतर जाती है। पर अफसोस रह जाता है तो क्यों ना इस बारी उत्सव के इस उत्साह में सतर्कता का दामन ना छोड़े। भीड़भाड़ वाले इलाकों में कोविड -एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करें। खाने पीने पर नियंत्रण रखें, डिटॉक्स करें। बाहर की मिठाइयों और चॉकलेट, मीठे बंद डिब्बे वाले जूस ना पिए। इसकी जगह इस बार घर में ही मिठाई और पकवान बनाकर पोषण का तड़का लगाएं। आप देखेंगे कि सेहत और स्वाद की जुगलबंदी करने से त्योहार की खुशियां दुगनी हो गई हैं।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि हम अपने पर्वो को सदभावना, स्नेह से मनाये, इसकी पवित्रता का ध्यान रखें और घर के पकवानों का आनंद ले । मुख्य अतिथि आर्य नेता आर पी सूरी व अध्यक्ष रचना वर्मा ने कहा कि खान पान की शुद्धता से जीवन को सुखी व स्वस्थ बनाये । राष्ट्रीय मंत्री प्रवीन आर्य ने कहा कि शराब, मांसाहारी भोजन, नशा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है ।गायिका रजनी चुघ,कमलेश चांदना,मधु खेड़ा,विमला आहूजा, विजय खुल्लर, प्रतिभा कटारिया, विजयलक्ष्मी आर्या, रेणु घई, वीरेन्द्र आहूजा, जनक अरोड़ा, कुसुम भंडारी, बिन्दु मदान, रजनी गर्ग,ईश्वर देवी,दीप्ति सपरा,राज चावला आदि ने मधुर गीत प्रस्तुत किये ।
